Aarti Sangrah of Hindu Gods and Goddesses

आरती सग्रह Lyrics Hindi

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Search Song Lyrics in Hindi

Aarti Sangrah Lyrics in Hindi

Mahamrityunjaya Mantra Lyrics In Hindi- Shankar Sahney

Mahamrityunjaya-Mantra-Lyrics-In-Hindi

Mahamrityunjaya Mantra By Shankar Sahney (OM. Tryambakam Yajamahe, Sugandhim Pushti-Vardhanam, Urvarukamiva Bandhanaan, Mrityor Mukshi Yamamritaat...) Singer: Shankar Sahney, Others Composer: Shankar Sahney Artist: Shankar Sahney Producer: Bhushan Kumar Music Label: T-Series.

 

 

Mahamrityunjaya Mantra Lyrics In Hindi Pdf Download- Shankar Sahney

 

 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

 

मंत्र का अर्थ

हम त्रिनेत्र को पूजते हैं,
जो सुगंधित हैं, हमारा पोषण करते हैं,
जिस तरह फल, शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है,
वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।

Keshav Kunj Bihari Lyrics In Hindi-Navin Tripathi

Keshav-Kunj-Bihari-Lyrics-In-Hindi

Song Credits: Title: Main Aarti Teri Gau Singer: Navin Tripathi Music Director: Navin - Manish Lyrics: Manish Tripathi Language: Hindi

 

 

 

Keshav Kunj Bihari Lyrics In Hindi Pdf Download

 

 

मैं आरती तेरी गाऊं
ओ केशव कुंज बिहारी
मैं आरती तेरी गाऊं
ओ केशव कुंज बिहारी

 

मैं नित नित शीश नवाऊं
ओ मोहन कृष्ण मुरारी
मैं नित नित शीश नवाऊं
ओ मोहन कृष्ण मुरारी

है तेरी छबी अनोखी
ऐसी ना दूजी देखी
है तेरी छबी अनोखी
ऐसी ना दूजी देखी

तुझसा ना सुन्दर कोई
ओ मौर मुकुट धारी
तुझसा ना सुन्दर कोई
ओ मौर मुकुट धारी

मैं आरती तेरी गाऊं
ओ केशव कुंज बिहारी

माखन की मटकी फोड़ी 
गोपिन संग आंखियां जोड़ी 
ओह नटखट रसिया तुझपे
जाऊ मै तो बलिहारी 
ओह नटखट रसिया तुझपे 
जाऊ मै तो बलिहारी 
मैं आरती तेरी गाऊं 
ओ केशव कुंज बिहारी

अंगुली पर गिरी उठाया 
सरे गोकुल को बचाया 
अंगुली पर गिरी उठाया 
सरे गोकुल को बचाया 
जय जय हो तेरी जय हो 
गिरी राज धरड़ गिरधारी 
जय जय हो तेरी जय हो 
गिरी राज धरड़ गिरधारी 
मैं आरती तेरी गाऊं 
ओ केशव कुंज बिहारी

जब जब तू बंसी बजाये 
सब अपनी सुध खो जाये 
तू सबका सब तेरे प्रेमी 
ओ कृष्ण प्रेम अवतारी 
तू सबका सब तेरे प्रेमी 
ओ कृष्ण प्रेम अवतारी 
मैं आरती तेरी गाऊं 
ओ केशव कुंज बिहारी

 

जो आये सरण तिहारे
बिपदा मिट जाये सारी
जो आये सरण तिहारे
बिपदा मिट जाये सारी

हम सबपर कृपा रखना
ओ जगत के पालन हारे
हम सबपर कृपा रखना
ओ जगत के पालन हारे

मैं आरती तेरी गाऊं
ओ केशव कुंज बिहारी

Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics In Hindi

Aarti-Kije-Hanuman-Lala-Ki-Lyrics-In-hindi

Song : Aarti Kije Hanuman Lala Ki Album : Aarti Sangrah Artist : Gulshan Kumar Singer : Hariom Sharan Music Director : Various Music Label : T-Series.

 

 

 

Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics In Hindi Pdf Download

 

 

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

 

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

जाके बल से गिरिवर कांपे
रोग दोष जाके निकट न झांके

अंजनि पुत्र महा बलदाई
सन्तन के प्रभु सदा सहाई

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

दे बीरा रघुनाथ पठाए
लंका जायी सिया सुधि लाए

लंका सो कोट समुद्र सीखाई
जात पवनसुत बार न लाई

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

लंका जारि असुर संहारे
सियारामजी के काज सवारे

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे
आनि संजीवन प्राण उबारे

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

पैठि पाताल तोरि जम कारे
अहिरावण की भुजा उखारे

बाएं भुजा असुरदल मारे
दाहिने भुजा संत जन तारे

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

सुर नर मुनि आरती उतारें
जय जय जय हनुमान उचारें

कंचन थार कपूर लौ छाई
आरती करत अंजनी माई

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की
आरती कीजै हनुमान लला की

जो हनुमानजी की आरती गावे
बसि बैकुण्ठ परम पद पावे

लंक बिध्वंश किन्ही रघुराई
तुलसी दस स्वामी आरती गाई

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

आरती कीजै हनुमान लला की

Gange Mata Aarti Lyrics In Hindi- Anuradha Paudwal

Gange-Mata-Aarti-Lyrics-Hindi

Song: Aarti Ganga Ji Ki Title: Badrinath Kedarnath Gangotri Yamnotri - Bhajan Aur Aarti Singer: Anuradha Paudwal Lyricist: Traditional Music Label: T-Series.

 

 

Gange Mata Aarti Lyrics In Hindi- Anuradha Paudwal

 

 

हर हर गंगे, जय माँ गंगे,
हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥

 


ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥

चंद्र सी जोत तुम्हारी,
जल निर्मल आता ।
शरण पडें जो तेरी,
सो नर तर जाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

पुत्र सगर के तारे,
सब जग को ज्ञाता ।
कृपा दृष्टि तुम्हारी,
त्रिभुवन सुख दाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

एक ही बार जो तेरी,
शारणागति आता ।
यम की त्रास मिटा कर,
परमगति पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

आरती मात तुम्हारी,
जो जन नित्य गाता ।
दास वही सहज में,
मुक्त्ति को पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥

ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।

Jai Santoshi Mata Aarti Lyrics In Hindi

Jai-Santoshi-Mata-Lyrics-In-Hindi

Language: Hindi Singer: Sanjeevani Bhelande Composer: Traditional Lyrics: Traditional Music Producer/Arranger: Surinder Sodhi Sound Engineer: Mayur Bakshi Manager (Rajshri Music): Alisha Baghel Producer: Rajjat barjatya Copyrights and Publishing: Rajshri Entertainment Private Limited.

 

 

Jai Santoshi Mata Aarti Lyrics In Hindi Pdf Download

 

 

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता
अपने जन को
सुख और सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

 

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता
अपने जन 
को
सुख और सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

सुन्दर वीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों
हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार कीन्हों
जय सन्तोषी माता

गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे
मन्द हंसत करुणामयी, त्रिभुवन मन मोहे
जय सन्तोषी माता

स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरें प्यारे
धूप दीप मधुमेवा, भोग धरें न्यारे
जय सन्तोषी माता

गुड़ और चना परमप्रिय, तामे संतोष किये
सन्तोषी कहलाई, भक्तन वैभव दिये
जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही
भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही
जय सन्तोषी माता

मन्दिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई
विनय करें हम सेवक, चरनन सिर नाई
जय सन्तोषी माता

भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै
जो मन बसै हमारे, इच्छा फल दीजै
जय सन्तोषी माता

दुखी दरिद्री, रोगी, संकट मुक्त किये
बहु धन-धान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिये
जय सन्तोषी माता

ध्यान धरे जन तेरा, मनवांछित फल पायो
पूजा कथा श्रवण कर, घर आनन्द आयो
जय सन्तोषी माता

शरण गहे की लज्जा, राखियो जगदम्बे
संकट तू ही निवारे, दयामयी अम्बे
जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानती, आज दिवस सोही
भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही
जय सन्तोषी माता

सन्तोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे
ऋद्धि-सिद्धि, सुख-सम्पत्ति, जी भर के पावे
जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता
अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता
अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

Aarti Gayatri Ki Lyrics In Hindi

Aarti-Gayatri-Ki-Lyrics

Devi Bhajan: Aarti Gayatri Ki Title: Gayatri Mahima Singer: Suresh Wadkar Composer: Nandu Honap Author: Dharmesh Tiwari Music Label: T-Series

 

 

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जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता
सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता
जयति जय गायत्री माता

 

आदि शक्ति तुम अलख निरञ्जन जग पालन कर्त्री
दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह दारिद्रय दैन्य हर्त्री
जयति जय गायत्री माता

ब्रहृ रुपिणी, प्रणत पालिनी, जगतधातृ अम्बे
भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा जगदम्बे
जयति जय गायत्री माता

भयहारिणि भवतारिणि अनघे, अज आनन्द राशी
अविकारी, अघहरी, अविचलित, अमले अविनाशी
जयति जय गायत्री माता

कामधेनु सत् चित् आनन्दा, जय गंगा गीता
सविता की शाश्वती शक्ति तुम सावित्री सीता
जयति जय गायत्री माता

ऋग्, यजु, साम, अथर्व, प्रणयिनी, प्रणव महामहिमे
कुण्डलिनी सहस्त्रार सुषुम्ना, शोभा गुण गरिमे
जयति जय गायत्री माता

स्वाहा, स्वधा, शची, ब्रहाणी, राधा, रुद्राणी
जय सतरुपा, वाणी, विघा, कमला, कल्याणी
जयति जय गायत्री माता

जननी हम है, दीन हीन, दुःख दरिद्र के घेरे
यदपि कुटिल, कपटी कपूत, तऊ बालक है तेरे
जयति जय गायत्री माता

स्नेहसनी करुणामयि माता, चरण शरण दीजै
बिलख रहे हम शिशु सुत तेरे, दया दृष्टि कीजै
जयति जय गायत्री माता

काम, क्रोध, मद, लोभ, दम्भ, दुर्भाव, द्वेष हरिये
शुद्ध बुद्धि, निष्पाप हृदय, मन को पवित्र करिये
जयति जय गायत्री माता

तुम समर्थ सब भाँति तारिणी, तुष्टि, पुष्टि त्राता
सत् मार्ग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता
जयति जय गायत्री माता

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता
सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता
जयति जय गायत्री माता..

(Parvati Aarti) Jai Parvati Mata lyrics In Hindi

Parvati-Aarti-Lyrics

Singer: Sanjeevani Bhelande Language: Hindi Composer: Traditional Lyrics: Traditional Music Producer/Arranger: Surinder Sodhi Sound Engineer: Mayur Bakshi VFX Producer: Shravan Shah Manager (Rajshri Music): Alisha Baghel Producer: Rajjat barjatya.

 

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ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता
ॐ जय पार्वती माता

 

ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता
ॐ जय पार्वती माता

अरिकुल पद्म विनाशिनि जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता
ॐ जय पार्वती माता

सिंह का वाहन साजे, कुण्डल है साथा
देव बंधू जस गावत, नृत्य करत ताथा
ॐ जय पार्वती माता

सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता
ॐ जय पार्वती माता

शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता
सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा
ॐ जय पार्वती माता

सृष्टि रूप तुही जननी शिवसंग रंगराता
नन्दी भृंगी बीन लाही है हाथन मदमाता
ॐ जय पार्वती माता

देवन अरज करत हम कवचित को लाता
गावत दे दे ताली, मन में रंगराता
ॐ जय पार्वती माता

श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता
सदा सुखी नित रहता, सुख सम्पत्ति पाता
ॐ जय पार्वती माता

ॐ जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता
ॐ जय पार्वती माता

Shri Satyanarayana Aarti Lyrics in Hindi

Shri-Satyanarayana-Aarti-Lyrics

Shri Satyanarayana Aarti  Lyrics In Hindi Pdf Download,  This Song is Sung By Sanjeevani Bhelande, Music Producer/Arranger: Surinder Sodhi Music Label: Rajshri Entertainment Private Limited,

 

 

Shri Satyanarayana Aarti  Lyrics In Hindi Pdf Download

 

 

जय लक्ष्मी रमणा
स्वामी श्री लक्ष्मी रमणा
सत्यनारायण स्वामी
सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

 

रतन जड़ित सिंहासन
अदभुत छवि राजे
स्वामी अदभुत छवि राजे
नारद करत नीराजन
नारद करत नीराजन
घंटा वन बाजे
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

प्रकट भए कलिकारण
द्विज को दरस दियो
स्वामी द्विज को दरस दियो
बूढ़ा ब्राह्मण बनकर
बूढ़ा ब्राह्मण बनकर
कंचन महल कियो
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

दुर्बल भील कुठारी
जिन पर कृपा करी
स्वामी जिन पर कृपा करी
चंद्रचूड़ एक राजा
चंद्रचूड़ एक राजा
तिनकी विपत्ति हरि
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

वैश्य मनोरथ पायो
श्रद्धा तज दीन्ही
स्वामी श्रद्धा तज दीन्ही
सो फल भाग्यो प्रभुजी
सो फल भाग्यो प्रभुजी
फिर अस्तुति किन्ही
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

भाव भक्ति के कारण
छिन-छिन रूप धरयो
स्वामी छिन-छिन रूप धरयो
श्रद्धा धारण किनी
श्रद्धा धारण किनी
तिनके काज सरयो
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

ग्वाल-बाल संग राजा
बन में भक्ति करी
स्वामी बन में भक्ति करी
मनवांछित फल दीन्हो
मनवांछित फल दीन्हो
दीन दयालु हरि
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

चढत प्रसाद सवायो
कदली फल मेवा
स्वामी कदली फल मेवा
धूप-दीप-तुलसी से
धूप-दीप-तुलसी से
राजी सत्यदेवा
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

सत्यनारायणजी की आरती
जो कोई नर गावै
स्वामी जो कोई नर गावै
तन मन सुख संपती
तन मन सुख संपती
मनवांछित फल पावे
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

जय लक्ष्मी रमणा
स्वामी श्री लक्ष्मी रमणा
सत्यनारायण स्वामी
सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मी रमणा
ॐ जय लक्ष्मी रमणा
ॐ जय लक्ष्मी रमणा

Aarti Saibaba Lyrics In Hindi

Aarti-Saibaba-Lyrics

Language: Marathi Artist: Various Artists Composer: Traditional Lyrics: Traditional Music Producer/Arranger: Surinder Sodhi Sound Engineer: Mayur Bakshi VFX Producer: Shravan Shah Manager (Rajshri Music): Alisha Baghel Producer: Copyrights and Publishing: Rajshri Entertainment Private Limited.

 

 

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आरती साईं बाबा। सौख्यदातार जीवा।
चरण जातलीं। द्यावा दासां विसांवा, भक्तां विसावा ।।

 

आरती साईं बाबा….

जाळिनियां अनंग। स्वस्वरूपीं राहे दंग।
मुमुक्षुजनां दावी। निज डोळां श्रीरंग।।

आरती साईं बाबा….

जया मनी जैसा भाव। तया तैसा अनुभव।
दाविसी दयाघना। ऐसी तुझी ही माव।।

आरती साईं बाबा….

तुमचे नाम ध्याता। हरे संसृति व्यथा।
अगाध तव करणी। मार्ग दाविसी अनाथा।।

आरती साईं बाबा….

कलयुगीं अवतार। सगुणब्रह्म साचार।
अवतीर्ण झालासे। स्वामी दत्त दिगम्बर।।

आरती साईं बाबा….

आठां दिवसां गुरुवारीं। भक्त करिती वारी।
प्रभुपद पहावया। भवभय निवारी।।

आरती साईं बाबा….

माझा निज द्रव्यठेवा। तव चरणरज सेवा।
मांगणें हेंचि आतां। तुम्हां देवाधिदेवा।।

आरती साईं बाबा….

इच्छित दीन चातक। निर्मल तोय निजसुख।
पाजावें माधवा या। सांभळ आपुली भाक।।

आरती साईं बाबा….

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics In Hindi

Aarti-Kunj-Bihari-Ki-Lyrics

 

Shri Krishna Janmashtami Special.....Stay Connected for more Bhajans!!!! Krishna Aarti: Aarti Kunj Bihari Ki with Hindi English Lyrics Album: AARTI VOL.5 Singer: HARIHARAN Lyricist: Traditional Music Label: T-Series.

 

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आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली।
लतन में ठाढ़े बनमाली;
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक;
ललित छवि श्यामा प्यारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै;
बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;
अतुल रति गोप कुमारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

 

जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा;
बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;
चरन छवि श्रीबनवारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू;
हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद;
टेर सुन दीन भिखारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

 

Hum Katha Sunate Lyrics In Hindi

Hum-Katha-Sunate-Ram-Sakl-Lyrics

 

Singers : Kavita Krishnamurthy, Hemlata and Ravindra Jain Lyrics : Ravindra Jain Music : Ravindra Jain. Listen to "Hum Katha Sunaate Ram Sakal Gun Dhaam Ki" Song on your favorite Streaming .Produced & Directed by Ramanand Sagar Associate Directors - Anand Sagar, Moti Sagar Executive Producers - Subhash Sagar, Prem Sagar Chief Technical Advisor - Jyoti Sagar Screenplay & Dialogues - Ramanand Sagar Music - Ravindra Jain Title Song - Jaidev Research & Adaptation - Phani Majumdar, Vishnu Mehrotra Editor Subhash Sehgal Cameraman - Ajit Naik Lighting - Ram Madkaikar Sound Recordist - Sripad, E Rudra Video Recordist - Sharad Mukkannwar.Arun Govil as Ram Deepika Chikhalia as Sita Sunil Lahri as Laxman Arvind Trivedi as Ravan. 

 

 

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ॐ श्री महा गनाधि पते नमः
ॐ श्री उमामहेश्वरा भ्या नमः

 

वाल्मीकि गुरुदेव ने
कर पंकज तीर नाम
सुमिरे मात सरस्वती
हम पर हो खुद सवार

मात पीता की वंदना
करते बारंबार
गुरुजन राजा प्रजाजन
नमन करो स्वीकार

हम कथा सुनाते राम शक्ल गुणधाम की
हम कथा सुनाते राम शक्ल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की

जंबू द्वीपे भरत खंडे
आर्यवरते भारत वर्षे
एक नगरी है विख्यात अयोध्या नाम की
येही जन्म भूमि है परम पूज्य श्री राम की
हम कथा सुनाते राम शक्ल गुनधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की

रघुकुल के राजा धरमात्मा
चक्रवर्ती दशरथ पुण्यात्मा
संतति हेतु यज्ञ करवाया
धर्म यज्ञ का शुभफल पाया
नृप घर जन्मे चार कुमारा
रघुकुल दीप जगत आधारा
चारों भ्राताओं के शुभ नाम
भरत शत्रुग्न लक्ष्मण रामा

गुरु वशीष्ठ के गुरुकुल जाके
अल्प काल विध्या सब पाके
पुरन हुयी शिक्षा रघुवर पुरन काम की
हम कथा सुनाते राम शक्ल गुणधाम की
हम कथा सुनाते राम शक्ल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की

म्रीदुस्वर कोमल भावना
रोचक प्रस्तुति ढंग
एक एक कर वर्णन करे
लव कुश राम प्रसंग
विश्वामित्र महामुनि राई
इनके संग चले दो भाई

कैसे राम तड़का मायी
कैसे नाथ अहिल्या तारी
मुनिवर विश्वामित्र तब
संग ले लक्ष्मण राम
सिया स्वयंवर देखने
पहुचे मिथिला धाम

जनकपुर उत्सव है भारी
जनकपुर उत्सव है भारी
अपने वर का चयन
करेगी सीता सुकुमारी
जनकपुर उत्सव है भारी

जनक राज का कठिन प्रण
सुनो सुनो सब कोई
जो तोड़े शिव धनुष को
सो सीता पति होए

जो तोडे शिव धनुष कठोर
सब की दृष्टि राम की ओर
राम विनयगुण के अवतार
गुरुवर की आज्ञा सिरोद्धार
सेहेज भाव से शिव धनु तोड़ा
जनक सुता संग नाता जोड़ा

रघुवर जैसा और ना कोई
सीता की समता नहीं होई
जो करे पराजित कान्ति कोटी रति काम की
हम कथा सुनाते राम शक्ल गुणधाम की
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की

सब पर शब्द मोहिनी डाली
मंत्रमुग्ध भए सब नर-नारी
यूं दिन रैन जात है बीते
लव कुश ने सब के मन जीते

वन गमन सीता हरन हनुमत मिलन
लंका देहेन रावण मरण
अयोध्या पुनरागमन

सब विस्तार कथा सुनाई
राजा राम भए रघुराई

राम राज आयो सुख दायी
सुख समृद्धि श्री घर घर आई

काल चक्र ने घटना क्रम में
ऐसा चक्र चलाया
राम सिया के जीवन में
फिर घोर अंधेरा छाया

अवध में ऐसा ऐसा ऐक दिन आया
निष्कलंक सीता पे प्रजा ने
मिथ्या दोष लगाया
अवध में ऐसा ऐसा ऐक दिन आया

चलदी सिया जब तोड़कर
सब स्नेह-नाते मोह के
पाषाण हृदयो में ना
अंगारे जगे विद्रोह के
ममतामयी माओ के
आँचल भी सिमट कर रेह गए
गुरुदेव ज्ञान और नीति के
सागर भी घट कर रेह गए

ना रघुकुल ना रघुकुल नायक
कोई ना सिया का हुआ सहायक
मानवता को खो बैठे जब
सभ्य नगर के वासी
तब सीता को हुआ सहायक
वन का एक सन्यासी

उन ऋषि परम उदार का
वाल्मीकि शुभ नाम
सीता को आश्रय दिया
ले आए निज धाम

रघुकुल में कुलदीप जलाए
राम के दो सूत सियने जाये

श्रोता गण जो एक राजा की पुत्री है
एक राजा की पुत्रवधू हैं
और एक चक्रवती सम्राट की पत्नी है
वोही महाराणी सीता
वनवास के दुखो में
अपने दिनो कैसे काटती हैं
अपने कुल के गुरुवर और
स्वाभिमान की रक्षा करते हुये
किसी से सहायता मांगे बिना
कैसे अपने काम वो स्वयं करती है
स्वयं वन से लकड़ी काटती है
स्वयं अपना धान कूटती है
स्वयं अपनी चक्की पीसती हैं
और अपनी संतान को
स्वावलंबन बनने की शिक्षा कैसे देती है
अब उसकी करुण झांकी देखिये

जनक दुलारी कुलवधु
दशरथ जी की राजा रानी हो के
दिन वन में बिताती हैं
रेहती थी घेरी जिसे
दास-दासी आठो यम
दासी बनी अपनी
उदासी को छूपाती है
धरम प्रवीन सती परम कुलिन सब
विधि दोशहीन
जीना दुख में सिखाती हैं

जगमाता हरी-प्रिय लक्ष्मी स्वरूप सिया
कूटती है धान भोज स्वयं बनाती है
कठिन कुल्हाड़ी लेके लकड़िया कांटती है
करम लिखेको पर काट नहीं पाती है

फूल भी उठाना भारी जिस सुकुमारी को था
दुख भरी जीवन बोज वो उठाती है
अर्धांगी रघुवीर की वो धरधीरे
भर्ती है नीर नीर जलमें नेहलाती है

जिसके प्रजाके अपवादों कुचक्रा में
वो पीसती है चक्की स्वाभिमान बचाती है
पालती है बच्चोकों वो कर्मयोगिनी के भाति
स्वाभिमानी स्वावलंबी सफल बनाती हैं
ऐसी सीता माता की परीक्षा लेते दुख देते
निठुर नियति को दया भी नहीं आती है

ओ उस दुखिया के राज-दुलारे
हम ही सूत श्री राम तिहारे

ओ सीता माँ की आँख के तारे ऐ
लव-कुश है पितु नाम हमारे

हे पितु भाग्य हमारे जागे
राम कथा कही राम के आगे

Aarti Shrimadbhagwad Geeta Lyrics

Aarti-Shrimadbhagwad-Geeta-Lyrics

Bhajan: Aarti Shrimadbhagwad Geeta Singer: Anuradha Paudwal Music Director: Shekhar Sen Lyrics: Traditional Album: Shrimad Bhagwad Geeta Part-1, 2, 3 & 4 Music Label: T-Series

 

 

Aarti Shrimadbhagwad Geeta Lyrics In HIndi Pdf Download

 

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते।
हरि-हिय-कमल-विहारिणि सुन्दर सुपुनीते॥

कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि कामासक्तिहरा।
तत्त्वज्ञान-विकाशिनि विद्या ब्रह्म परा॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद गीते…….

निश्चल-भक्ति-विधायिनि निर्मल मलहारी।
शरण-सहस्य-प्रदायिनि सब विधि सुखकारी॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते……..

राग-द्वेष-विदारिणि, कारिणि मोद सदा।
भव-भय-हारिणि, तारिणि परमानन्दप्रदा॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते……..

आसुर-भाव-विनाशिनि, नाशिनि तम रजनी।
दैवी सद् गुणदायिनि, हरि-रसिका सजनी॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते……..

समता, त्याग सिखावनि, हरि-मुख की बानी।
सकल शास्त्र की स्वामिनी, श्रुतियों की रानी॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते……..

दया-सुधा बरसावनि, मातु! कृपा कीजै।
हरिपद-प्रेम दान कर, अपनो कर लीजै॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते……..

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते।
हरि-हिय-कमल-विहारिणि सुन्दर सुपुनीते॥

Om Jai Shiv Omkara Lyrics In Hindi

Om-Jai-Shiv-Omkara-Lyrics

Shiv Bhajan: Om Jai Shiv Omkara Album: AARTI Singer: ANURADHA PAUDWAL Composer: SHEKHAR SEN Lyrics: TRADITIONAL Music Label:T-Series

 

 

 

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ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

 

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे
स्वामी पञ्चानन राजे
हंसासन गरूड़ासन
हंसासन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे
ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज ते सोहे
स्वामी दसभुज ते सोहे
तीनों रूप निरखता
तीनों रूप निरखता
त्रिभुवन मन मोहे
ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी
स्वामी मुण्डमाला धारी
चन्दन मृगमद चंदा
चन्दन मृगमद चंदा
भोले शुभ कारी
ॐ जय शिव ओंकारा

श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगे
स्वामी बाघाम्बर अंगे
ब्रह्मादिक संतादिक
ब्रह्मादिक संतादिक
भूतादिक संगे
ॐ जय शिव ओंकारा

कर मध्ये च’कमण्ड चक्र त्रिशूलधरता
स्वामी चक्र त्रिशूलधरता
जग कर्ता जग हरता
जग कर्ता जग हरता
जगपालन करता
ॐ जय शिव ओंकारा

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव जानत अविवेका
स्वामी जानत अविवेका
प्रनाबाच्क्षर के मध्ये
प्रनाबाच्क्षर के मध्ये
ये तीनों एका
ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ जन गावे
स्वामी जो कोइ जन गावे
कहत शिवानन्द स्वामी
कहत शिवानन्द स्वामी
मनवान्छित फल पावे
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

जय अम्बे गौरी Jai Ambe Mata Aarti Lyrics in Hindi

Jai-Ambe-Gauri-Aarti-lyrics-in-Hindi-pdf

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

 

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो
उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै
ॐ जय अम्बे गौरी

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता
ॐ जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै
ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

ॐ जय जगदीश हरे Om Jai Jagdish Hare Aarti lyrics in hindi

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ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।

स्वामी दुःख विनसे मन का।

सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।

स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।

स्वामी तुम अन्तर्यामी।

पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।

स्वामी तुम पालन-कर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।

स्वामी सबके प्राणपति।

किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

स्वामी तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।

स्वमी पाप हरो देवा।

श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा॥

ॐ जय जगदीश हरे।

 

श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।

स्वामी जो कोई नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥

ॐ जय जगदीश हरे।

अम्बे तू है जगदम्बे Ambe tu Hai Jagdambe Kali Aarti lyrics in Hindi Anuradha Paudwal

Ambe-tu-Hai-Jagdambe-Kali-Aarti-lyrics-in-Hindi-Anuradha-Paudwal

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी
तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी

सौ-सौ सिहों से भी बलशाली, हे दस भुजाओं वाली
दुखियों के दुखड़े निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

माँ-बेटे का है इस जग मे, बड़ा हीनिर्मल नाता, बड़ा हीनिर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता
माँ-बेटे का है इस जग मे बड़ा ही निर्मल नाता, बड़ा ही निर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली
दुखियों के दुखडे निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ तेरे चरणों में, छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ मन में, इक छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को सवांरती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

जय सरस्वती माता Jai Saraswati Mata Aarti in Hindi Anuradha Paudwal

Jai-Saraswati-Mata-Aarti-lyrics-in-Hindi-Anuradha-Paudwal

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता
सदगुण वैभव शालिनी, सदगुण वैभव शालिनी
त्रिभुवन विख्याता, जय जय सरस्वती माता

 

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता
सदगुण वैभव शालिनी, सदगुण वैभव शालिनी
त्रिभुवन विख्याता, जय जय सरस्वती माता

चन्द्रबदनि पद्मासिनि, कृति मंगलकारी
मैय्या कृति मंगलकारी
सोहे शुभ हंस सवारी, सोहे शुभ हंस सवारी
अतुल तेज धारी
जय जय सरस्वती माता

बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला
मैय्या दाएं कर माला
शीश मुकुट मणि सोहे, शीश मुकुट मणि सोहे
गल मोतियन माला
जय जय सरस्वती माता

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया
मैय्या उनका उद्धार किया
बैठी मंथरा दासी, बैठी मंथरा दासी
रावण संहार किया
जय जय सरस्वती माता

विद्यादान प्रदायनि, ज्ञान प्रकाश भरो
जन ज्ञान प्रकाश भरो
मोह अज्ञान की निरखा, मोह अज्ञान की निरखा
जग से नाश करो
जय जय सरस्वती माता

धूप, दीप, फल, मेवा, माँ स्वीकार करो
ओ माँ स्वीकार करो
ज्ञानचक्षु दे माता, ज्ञानचक्षु दे माता
जग निस्तार करो
जय जय सरस्वती माता

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावै
मैय्या जो कोई जन गावै
हितकारी सुखकारी हितकारी सुखकारी
ज्ञान भक्ति पावै
जय जय सरस्वती माता

जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता
सदगुण वैभव शालिनी, सदगुण वैभव शालिनी
त्रिभुवन विख्याता
जय जय सरस्वती माता

ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता
सदगुण वैभव शालिनी, सदगुण वैभव शालिनी
त्रिभुवन विख्याता, जय जय सरस्वती माता

 

ॐ जय लक्ष्मी माता Om Jai Laxmi Mata Aarti lyrics in Hindi Anuradha Paudwal

Om-Jai-Laxmi-Mata-Aarti-lyrics-in-Hindi-Anuradha-Paudwal

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता

सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता

सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता

उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुमको निशदिन सेवत,

मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता

ॐ जय लक्ष्मी माता-2

श्री गणेश आरती Shree Ganesh Aarti Lyrics in Hindi Anuradha Paudwal

Shree-Ganesh-Aarti-lyrics-in-Hindi-Anuradha-Paudwal

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

 

एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करे सेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया
बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया

सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा..